जल, स्मृति और संस्कृति: राजस्थान की लोक परंपराओं में जल का सांस्कृतिक भूगोल

Authors

  • सुरेन्द्र सिंह स्वतंत्र शोधकर्ता, एम.ऐ. हिंदी, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, राजस्थान Author
  • अंजना रत्नू स्वतंत्र शोधकर्ता, पी एच. डी. भूगोल, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान Author
  • अनमोल सोनी स्वतंत्र शोधकर्ता, एम.ऐ. भूगोल, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान Author

DOI:

https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i4.262

Keywords:

राजस्थान, लोककथाएं, लोकगीत, कहावतें, सूखा, सांस्कृतिक भूगोल

Abstract

यह शोधपत्र राजस्थान की लोककथाओं, लोकगीतों, कहावतों और सामाजिक & धार्मिक परंपराओं में जल नदियों और वर्षा की महत्वपूर्ण भूमिका का विश्लेषण करता है। राजस्थान अपनी शुष्क जलवायु और सीमित जल संसाधनों के बावजूद एक समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का धनी है जहाँ जल को केवल भौतिक संसाधन के रूप में नहीं बल्कि जीवन पवित्रता और सामूहिक चेतना के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

शोध के दौरान यह पाया गया कि लोकगीतों में वर्षा का आह्वान और सूखे की पीड़ा को गहराई से व्यक्त किया गया है। गणगौर जैसे त्योहारों में स्थानीय जल स्रोतों की पूजा यह दर्शाती है कि समाज ने जल को धार्मिक और सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया है। विवाह, जन्म और मृत्यु से जुड़े अनुष्ठानों में जल का उपयोग यह दर्शाता है कि यह तत्व न केवल जीवनदायी है बल्कि आध्यात्मिक शांति और मोक्ष का माध्यम भी है।

शोध के लिए पारंपरिक साहित्य की समीक्षा पुस्तकीय अध्ययन और स्थानीय बुजुर्गों एवं लोक कलाकारों के साक्षात्कार के माध्यम से मौखिक साक्ष्यों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान के लोकगीतों में वर्षा और जल को जीवनदायिनी शक्ति के रूप में चित्रित किया गया है जबकि सूखे से संबंधित कहानियाँ संघर्ष, सामुदायिक प्रयास और सहनशीलता के प्रतीक हैं। पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियाँ जैसे बावड़ी, जोहड़ और टांका लोककथाओं और कहावतों के माध्यम से पीढ़ियों से संरक्षित हैं।

यह शोध यह निष्कर्ष निकालता है कि राजस्थान की यह समृद्ध लोक संस्कृति न केवल ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आधुनिक जल संरक्षण प्रयासों और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के लिए भी प्रासंगिक शिक्षाएं प्रदान करती है।

Downloads

Published

2026-04-20

Issue

Section

Articles

How to Cite

जल, स्मृति और संस्कृति: राजस्थान की लोक परंपराओं में जल का सांस्कृतिक भूगोल. (2026). International Journal of Multidisciplinary Research in Arts, Science and Technology, 4(4), 41-49. https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i4.262