नई प्रौद्योगिकी का पत्रकारिता में अनुशीलन: हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों पर आधारित सर्वेक्षणात्मक अध्ययन

Authors

  • पवन कुमार शोधार्थी, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला, हि.प्र. Author
  • शिवम शोधार्थी, न्यू मीडिया विभाग, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला, हि.प्र. Author

DOI:

https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i4.258

Keywords:

न्यू मीडिया, नई प्रौद्योगिकी, पत्रकारिता, एआई, सोशल मीडिया, वेब 2.0

Abstract

नई प्रौद्योगिकी की बात करें तो इसका प्रभाव प्रत्येक सामाजिक ताने बाने में पड़ता दिख रहा है। जाने अनजाने लगभग सभी लोग इस नई तकनीक का प्रयोग किसी ना किसी रूप में कर रहे हैं और सोशल मीडिया तथा स्मार्टफ़ोन का प्रयोग तो अब एक सामान्य बात है जो न्यू मीडिया के उपयोग की सबसे सरल और सुलभ माध्यम/टूल है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, ह्वाट्सऐप, एआर/वीआर,एआई, ब्लॉकचेन और फ़िलहाल मेटावर्स और रोबोटिक्स का मीडिया में प्रयोग एक तीव्र गति के परिवर्तन का द्वोतक है। इन सभी तकनीकों में एआई का प्रयोग तेज़ी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में एआई, मेटावर्स और रोबोटिक्स का प्रयोग समाज के हर क्षेत्र में बढ़ता हुआ दिख रहा है। पत्रकारिता में भी इस न्यू मीडिया का प्रयोग काफ़ी तेज़ी से बढ़ा है। विकसित देशों और भारत के मेट्रो सिटीज़ के पत्रकार न्यू मीडिया का प्रयोग बड़े पैमाने पर कर रहे हैं किंतु छोटे शहरों के पत्रकारों में न्यू मीडिया के प्रयोग को लेकर क्या रूख़ है और न्यू मीडिया युग में पत्रकारिता के भविष्य को लेकर क्या विचार हैं यह जानने का प्रयास इस शोध आलेख में किया गया है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश यह जानने का प्रयास है कि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर के पत्रकारों में न्यू मीडिया को लेकर किस प्रकार का अनुशीलन, विचार और व्यवहार है। यह अध्ययन पूर्ण रूप से अकादमिक है जिसके लिए 15 प्रश्नों की एक सर्वेक्षण प्रश्नावली गूगल फॉर्म पर तैयार कर धर्मशाला शहर में कार्यरत अलग अलग मीडिया हाउसेस के पत्रकारों से प्राप्त उत्तरों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

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Published

2026-04-12

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Section

Articles

How to Cite

नई प्रौद्योगिकी का पत्रकारिता में अनुशीलन: हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों पर आधारित सर्वेक्षणात्मक अध्ययन. (2026). International Journal of Multidisciplinary Research in Arts, Science and Technology, 4(4), 21-32. https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i4.258