शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i3.253Keywords:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अधिगम परिणाम, सकल नामांकन अनुपात, ड्रॉपआउट दर।Abstract
भारत में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) ने 6 से 14 वर्ष आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य इस अधिनियम के क्रियान्वयन के पश्चात् भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वास्तविक उपलब्धता का विश्लेषण करना है। शोध में यूडीआईएसई+ 2023-24, यूडीआईएसई+ 2024-25 तथा वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) 2024 जैसे प्रमाणित राष्ट्रीय आँकड़ों का उपयोग किया गया है। परिणामों से स्पष्ट होता है कि नामांकन दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, किंतु अधिगम परिणाम अभी भी चिंताजनक हैं। प्रारंभिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर घटकर 2.3% हो गई है, परंतु माध्यमिक स्तर पर यह 8.2% बनी हुई है। कक्षा तीन के केवल 23.4% बच्चे कक्षा दो स्तर का पाठ पढ़ पाते हैं और कक्षा तीन के 33.7% बच्चे घटाव कर पाते हैं। विद्यालय अवसंरचना में सुधार हुआ है, परंतु डिजिटल सुविधाएँ अभी भी अपूर्ण हैं। यह अध्ययन निष्कर्ष देता है कि आरटीई अधिनियम ने शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने में सफलता पाई है, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित करना अभी एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
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