प्राचीन भारत में गणराज्य
DOI:
https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i3.250Keywords:
गणतंत्रगण, राजतंत्र, गणराज्य समिति, संस्थागार, आसनपन्नायक, अताकुलक, मन्त्रिपरिषद, पवेनिपोट्ठक, नगरगुत्तिक।Abstract
प्राचीन भारत में गणराज्यों को गण या संघ के नाम से जाना जाता था। गण शब्द का उल्लेख ऋग्वेद में 46 बार तथा अथर्ववेद में 09 बार आता है। जे0पी0 शर्मा महोदय का विचार हैं कि कुछ जनों में गणराज्यात्मक व्यवस्था भी प्रचलित थी। राजतंत्र में राज्य का अध्यक्ष राजा होता था, जबकि गणतंत्र में राज्यों का शासन न होकर गण अथवा संघ द्वारा होता था। वहीं गणतंत्र का संचालन अल्पतांत्रिक सभाएं करती थी। न कि कोई एक व्यक्ति/ राजतंत्र में प्रजा से राजस्व पाने का एकमात्र दावेदार राजा होता था, यहाँ एक नियमित एवं केन्द्रीकृत सेना होती थी। जबकि गणतंत्र में राजा अपनी-अपनी छोटी सेना रखता था। राजतंत्र में ब्राह्मणों का प्रशासन छोटी सेना रखता था। राजतंत्र में ब्राह्मणों का प्रशासन पर प्रभाव दृष्टिगोचर होता है। गणतंत्र में ऐसा नहीं था।
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