शेखावाटी क्षेत्र के परिप्रेक्ष्य में झुंझुनू का ऐतिहासिक अध्ययन

Authors

  • रोहिताश कुमार सहायक आचार्य, इतिहास विभाग, राजकीय महिला महाविद्यालय, झुन्झनू, 333001 Author

DOI:

https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i3.242

Keywords:

झुंझुनू, शेखावाटी, शेखावत वंश, कायमखानी शासन, राजस्थान का इतिहास, किसान आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम, जयपुर राज्य, राजस्थान निर्माण।

Abstract

झुंझुनू जिला राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है। इस क्षेत्र का इतिहास अत्यंत प्राचीन माना जाता है, जिसका संबंध सिंधु घाटी सभ्यता के समय से जोड़ा जाता है, जब खेतड़ी क्षेत्र से तांबे का व्यापार होता था। शेखावाटी क्षेत्र का नामकरण वीर शेखा जी के नाम पर हुआ, जिन्होंने विक्रम संवत 1506 में अमरसर से अपने स्वतंत्र राज्य की स्थापना की। उनके वंशज शेखावत कहलाए और उन्होंने इस क्षेत्र में राजनीतिक शक्ति का विस्तार किया। मध्यकालीन इतिहास में इस क्षेत्र पर प्रतिहार, चौहान तथा कायमखानी शासकों का भी प्रभाव रहा। कायमखानियों ने झुंझुनू और फतेहपुर में नवाबी शासन स्थापित किया, जो लगभग दो शताब्दियों तक कायम रहा। बाद में शेखावतों ने अपनी शक्ति और संगठन के बल पर इस क्षेत्र पर अधिकार स्थापित कर शेखावाटी को एक प्रमुख राजनीतिक इकाई के रूप में विकसित किया।

मुगल काल में शेखावत शासकों ने मुगल सम्राटों के साथ सहयोगात्मक संबंध स्थापित कर अपनी प्रतिष्ठा और राजनीतिक स्थिति को सुदृढ़ किया। औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य के पतन के साथ क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ। अंग्रेजी शासन काल में यद्यपि शेखावाटी पर प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन नहीं था, तथापि जयपुर राज्य के माध्यम से अंग्रेजों का प्रभाव बना रहा। इस काल में किसान आंदोलनों और सामाजिक संघर्षों ने राजनीतिक चेतना को बढ़ावा दिया। स्वतंत्रता आंदोलन में भी इस क्षेत्र के नेताओं और जनता ने सक्रिय भूमिका निभाई। अंततः स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात 30 मार्च 1949 को राजस्थान के गठन के साथ झुंझुनू जिला एक प्रशासनिक इकाई के रूप में स्थापित हुआ। इस प्रकार झुंझुनू का इतिहास राजनीतिक परिवर्तन, सामाजिक संघर्ष और सांस्कृतिक विकास की समृद्ध परंपरा को प्रतिबिंबित करता है।

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Published

2026-03-30

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How to Cite

शेखावाटी क्षेत्र के परिप्रेक्ष्य में झुंझुनू का ऐतिहासिक अध्ययन. (2026). International Journal of Multidisciplinary Research in Arts, Science and Technology, 4(3), 127-131. https://doi.org/10.61778/ijmrast.v4i3.242