सुरिन्दर गीत द्वारा रचित कहानी संग्रह ‘तोहफ़ा और तोहफ़ा’ का समीक्षात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.61778/ijmrast.v3i11.204Keywords:
सुरिन्दर गीत, तोहफ़ा और तोहफ़ा, सह्रदय, संवेदनशील, मानव-मूल्य, पंजाबी साहित्य, कैनेडाAbstract
सुरिन्दर गीत पंजाबी साहित्य जगत की एक जानी-मानी लेखिका हैं | वह अपनी साहित्यिक यात्रा में गद्य और पद्य दोनों विधाओं में क्रियाशील हैं | उनके साहित्य सृजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्होंने समकालीन यथार्थ के बहुआयामी पक्षों और जीवन-मूल्यों को पूरी यथार्थपरकता के साथ उद्घाटित किया है | इनके आलोच्य कहानी संग्रह ‘तोहफ़ा और तोहफ़ा’ में कुल सत्रह कहानियाँ सम्मिलित हैं जिसमें ‘ताये के : चोर-उच्चके नहीं’, गर्म पानी, तोहफ़ा, कैनेडा की टिकट, बेटी का कर्ज, बदलते रिश्ते, मैं अच्छी माँ हूँ, बेघर लोग, खेत के कोने में, गुनाह, देवता, नयी जूती, कुर्वानी, क्या जरूरत थी पापड़ बेलने की, तीन पीढियाँ, माँ और एक अंत, एक शुरुआत उल्लेखनीय’ हैं | विवेच्य कहानियों में समकालीन जीवन की अनेकानेक समस्याओं को उजागर किया गया है | इसके साथ-साथ इस कहानी संग्रह में नई और पुरानी पीढ़ी के आत्मसंघर्ष, फ़ासले और द्वंद्व को रेखांकित किया गया है | वर्तमान में सुरिन्दर गीत कैनेडा में निवासरत हैं अतएव उनकी रचना धर्मिता में कैनेडा में काम करने वाले भारतीय लोगों की जीवन-शैली, उनकी समस्याओं, कैनेडा के मूल निवासियों द्वारा भारतीयों का किया जाने वाला शोषण, स्वदेश के प्रति प्रेम, अंतर सांस्कृतिक मुद्दे, बेरोजगार की समस्या, कैनेडियन जीवनशैली की वृतांत, बुजुर्गों की समस्या, नारी त्रासदी, बाल शोषण, दहेज प्रथा, अनमेल विवाह, श्रमिक वर्ग की समस्याओं सहित मानव जीवन के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पक्षों को पूरी यथार्थपरकता के साथ प्रदर्शित किया है |
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